- जल्लाद
रस्म,
दुश्मन सी निभाना
होती है, जल्लाद
आदमी नहीं,
नौकरी होती है !
***
- बदलाव
सुरक्षा का
क्या
इतना बढ़ जायेगा
सास को
अब,
बहू जलायेगी
कानून
बचा ले जायेगा !
***
- दर्शन
कितना उजाला
कर जाता है,
बाँग देकर मुर्गा
आज भी
सूरज को
जगाता है !
***
-रमेश कुमार भद्रावले